1 फरवरी से खुलेगी वाराणसी–बैंकॉक फ्लाइट की बुकिंग
लखनऊ|देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहुंच का विस्तार तेजी से कर रही है। लखनऊ से बैंकॉक की उड़ान बंद होने के बाद, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अब वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बाबतपुर) को थाईलैंड से सीधे जोड़ने का फैसला किया है। एक फरवरी 2026 से शुरू होने वाली इस सीधी उड़ान सेवा के लिए एयरलाइंस ने बुकिंग विंडो खोल दी है और शुरुआती किराए की घोषणा भी कर दी है। यह फिलहाल नौ हजार से भी कम है।
वाराणसी ही क्यों चुना गया?
गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक लखनऊ से बैंकॉक के लिए दो उड़ानें संचालित होती थीं, एक एयर एशिया और दूसरी एयर इंडिया एक्सप्रेस की। हालांकि, पिछले साल यात्रियों की कम संख्या के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस ने लखनऊ से अपनी सेवाएं विंटर शेड्यूल से पहले ही स्थगित कर दी थीं। इसके बाद एयरलाइंस ने इस विमान को खाड़ी देशों के रूट पर शिफ्ट किया और भारत के अन्य प्रमुख शहरों में सर्वे शुरू किया।वाराणसी के सर्वे में यह पाया गया कि यहाँ से थाईलैंड जाने वाले पर्यटकों और बौद्ध सर्किट की यात्रा करने वाले विदेशी यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। इसी मांग को देखते हुए एयरलाइंस ने वाराणसी को बैंकॉक के लिए नया हब बनाने का निर्णय लिया।
फ्लाइट का शेड्यूल और समय
एयरलाइंस सूत्रों के अनुसार, यह उड़ान सेवा सप्ताह के निर्धारित दिनों में उपलब्ध होगी। इसका शेड्यूल कुछ इस प्रकार है:
वाराणसी से बैंकॉक (IX-215): यह फ्लाइट दोपहर 12:35 बजे वाराणसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी और थाईलैंड के समयानुसार शाम 6:05 बजे बैंकॉक में लैंड करेगी।
बैंकॉक से वाराणसी (IX-216): वापसी में यह विमान बैंकॉक एयरपोर्ट से शाम 7:05 बजे उड़ान भरकर रात 9:35 बजे सीधे वाराणसी पहुंचेगा।
किराया और बुकिंग
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुरुआती किराया बेहद प्रतिस्पर्धी रखा है। एक तरफ का शुरुआती किराया 8,857 रुपये तय किया गया है। हालांकि, यात्रा की तारीख और मांग के अनुसार इस किराए में बदलाव हो सकता है। यात्री एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट या प्रमुख ट्रैवल पोर्टल्स के जरिए अपनी टिकट बुक कर सकते हैं।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
वाराणसी-बैंकॉक सीधी उड़ान शुरू होने से केवल पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार और नेपाल के यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।बौद्ध सर्किट का विस्तार: थाईलैंड एक बौद्ध बहुल देश है, जहाँ के लोग सारनाथ और कुशीनगर की यात्रा के लिए वाराणसी आते हैं। सीधी उड़ान से धार्मिक पर्यटन में भारी उछाल आएगा।भारतीय पर्यटकों के लिए आसान राह: बैंकॉक भारतीय पर्यटकों के लिए पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन है। अब उन्हें दिल्ली या कोलकाता जाने की जरूरत नहीं होगी।कार्गो की सुविधा: इस रूट से स्थानीय हस्तशिल्प और ताजी सब्जियों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।वाराणसी एयरपोर्ट प्रशासन का मानना है कि यह फ्लाइट न केवल सफल रहेगी, बल्कि आने वाले समय में अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के लिए भी नए रास्ते खोलेगी।

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