सुनहरे खेतों पर आई संकट की छाया
मंडला: गर्मी के मौसम में लगातार आग लगने की खबरें सामने आ रही है. जिसमें सबसे ज्यादा खेतों में आग लग रही है. मंडला जिले के बम्हनी बंजर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलगी के पोषक ग्राम खारी में आग कहर बनकर टूटी. खेत में भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल को राख में तब्दील कर दिया. तकरीबन 50 एकड़ क्षेत्र में फैली यह आग 33 किसानों की मेहनत और सपनों को जलाकर खाक कर गई.
1 हजार क्विंटल से ज्यादा फसल नष्ट
मंडला के खारी गांव में लगी आग को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि आग इतनी तेज थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला. आग की लपटों को देख स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी. दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अनुमान के मुताबिक 1,000 क्विंटल से अधिक गेहूं की फसल नष्ट हो चुकी है. जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है.
मंत्री ने किया मौका मुआयना
घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके गांव पहुंची. उन्होंने पीड़ित किसानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राजस्व विभाग की टीम से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट ली. मंत्री ने प्रशासन को निर्देशित किया कि मुआवजा कार्य में कोई लापरवाही न हो और पीड़ितों को शीघ्र राहत दी जाए. मंत्री उईके ने कहा, "यहां सिर्फ फसल नहीं जली है, यह किसानों की खून-पसीने की कमाई थी. सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि प्रभावित किसानों को न्याय मिले और नुकसान की भरपाई हो."
मंत्री ने कलेक्टर एसडीएम को दिए निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने मंडला कलेक्टर, एसडीएम व तहसीलदार को सख्त निर्देश दिए कि राहत कार्य तत्परता से संचालित हों. किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गांव के खेतों में आग भले ही विकराल थी, पर अब किसानों की उम्मीद शासन से जुड़ी है. राजस्व विभाग नुकसान का आंकलन कर रहा है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाएगा.

पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व