जमीन विवाद को लेकर बढ़ा तनाव
गाजियाबाद| वेव सिटी में ग्रुप हाउसिंग के प्रोजेक्ट का निर्माण शनिवार शाम कुछ किसानों ने हंगामा करते हुए रुकवा दिया। साथ ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी खदेड़ दिया। मामले में साइट इंचार्ज ने छह किसान नेताओं व 45 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उधर, आज बिल्डर द्वारा किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद सैकड़ों किसान वेव सिटी थाने पहुंचे हैं। किसान थाने के अंदर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मैसर्स प्रासु बिल्डकन एलएलपी फर्म वेव सिटी के सेक्टर-एक में एसकेए डिवाइन ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही है। इसके साइट इंचार्ज मोहित अग्रवाल ने वेव सिटी थाने में दी शिकायत में बताया कि शाम करीब सात बजे काजीपुरा निवासी आनंद चौधरी, बिजेंद्र, अनुज चौधरी गुड्डू और नायफल निवासी मनोज व टीकम नागर अपने 45 साथियों के साथ साइट पर पहुंचे। सभी ने निर्माण में लगे कर्मचारियों को आतंकित करते हुए काम रुकवा दिया। यह भी आरोप है कि उन्होंने आगे काम करने पर जान से मारने की धमकी दी। मोहित ने बताया कि प्रोजेक्ट पर सभी विभागों से एनओसी लेकर व जीडीए से नक्शा स्वीकृति के बाद कार्य किया जा रहा है। आरोप लगाया कि पहले भी उक्त लोग हंगामा करके काम रुकवाने का प्रयास कर चुके हैं। इस बारे में एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शिकायतकर्ता ने कुछ वीडियो उपलब्ध कराए हैं। उसके आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी।
मुआवजा दिए बिना निर्माण करने का आरोप
किसान नेता टीकम नागर ने आरोप लगाया है कि बिल्डर ने बिना मुआवजा दिए जमीन पर निर्माण शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलता, तब तक जमीन बिल्डर की नहीं है। किसानों ने इसको लेकर पहले पंचायत की थी। इसके बाद वह अपनी जमीन पर गए थे। यह भी कहा कि बिल्डर झूठे मुकदमे लिखवाकर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। किसान एकजुटता के साथ इसका मुकाबला करेंगे।

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