कार्रवाई का Countdown! चांदनी चौक में अतिक्रमण हटाने का सुप्रीम आदेश, फिर गरजेगा बुलडोजर
Bulldozer Action: दिल्ली के ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले इलाके चांदनी चौक में अतिक्रमण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सहित अन्य संबंधित विभागों ने इस संबंध में ठोस कार्ययोजना तैयार कर ली है। एमसीडी प्रशासन ने विभिन्न इलाकों में तैनाती के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। जो सड़कों पर हो रहे अवैध कब्जों, ई-रिक्शा की अनियमित पार्किंग और अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगी। इसके तहत पहले अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद बुलडोजर एक्शन शुरू किया जाएगा।
व्यापारियों से होगा संवाद, मांगा जाएगा सहयोग
निगम अधिकारियों ने इसी सप्ताह व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में उन्हें निगम की योजना की जानकारी दी जाएगी और अतिक्रमण हटाने में सहयोग मांगा जाएगा। दरअसल, दिल्ली का चांदनी चौक क्षेत्र प्रमुख व्यावसायिक इलाका है। जहां हर दिन हजारों लोग खरीदारी के लिए आते हैं। इसलिए इस क्षेत्र की अव्यवस्थित स्थिति को ठीक करने के लिए दिल्ली सरकार और नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
जाम की शिकायतों पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली एमसीडी के सूत्रों की मानें तो चांदनी चौक क्षेत्र में अवैध तरीके से फुटपाथ और सड़क पर दुकानदारी करने की शिकायतें मिल रही हैं। इनके चलते यहां जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसके अलावा जर्जर इमारतों पर असुरक्षित निर्माण भी कराने के मामले सामने आए हैं। जबकि सबसे ज्यादा जाम का कारण ई-रिक्शा चालकों का अतिक्रमण माना जा रहा है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर एमसीडी को फटकार भी लगाई थी। इसके बाद अब प्रशासन इन सभी समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों की पहचान करेगा और नोटिस जारी करके कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद तेज़ हुई कार्रवाई की रफ्तार
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चांदनी चौक में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर दिल्ली नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट निर्देश दिया कि जो भी व्यक्ति अवैध ईंट या निर्माण सामग्री के साथ पकड़ा जाए। उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा "नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से चांदनी चौक में अतिक्रमण किया जा रहा है। यदि इसे नहीं रोका गया तो पुलिस को भी अदालत में तलब किया जाएगा।" इसके साथ ही कोर्ट ने ऐसे सभी भवनों को तत्काल सील करने का निर्देश दिया, जहां अनधिकृत निर्माण हो रहा है।
समन्वित रणनीति के तहत संयुक्त टीमें होंगी गठित
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एमसीडी, दिल्ली पुलिस और अन्य विभागों ने एकजुट होकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए संयुक्त कार्रवाई की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे पहले भी वर्ष 2025 में कई बार चांदनी चौक में ई-रिक्शा की अनियंत्रित बढ़ोतरी, फुटपाथों पर कब्जे, और बिजली के तारों के अव्यवस्थित जाल जैसे मुद्दों पर बहु-विभागीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब यह कार्रवाई पहले से अधिक संगठित और सख्त होगी। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि पहले नोटिस जारी कर अवैध निर्माण को हटाने की अपील की जाएगी। अगर मालिक खुद अवैध निर्माण हटा लेते हैं तो ठीक है, वरना बाद में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा। एमसीडी अधिकारियों ने इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली है।

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