पुलिस की अचानक दबिश से मचा हड़कंप, दुकानदारों में अफरा-तफरी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित फुटवियर ब्रांड PUMA के नाम पर नकली और फर्जी जूते-चप्पल बेचने के एक बड़े गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। शहर के कुछ शातिर व्यापारी असली ब्रांडेड कंपनी के हुबहू 'लोगो' (मोनो) और डिजाइन की नकल कर धड़ल्ले से बाजार में घटिया क्वालिटी के जूते खपा रहे थे। कंपनी के अधिकृत अधिकारियों की शिकायत पर एक्शन में आई पुलिस ने दुकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी है। यह पूरी बड़ी कार्रवाई रायपुर के माना थाना पुलिस द्वारा अंजाम दी गई है।
पुलिस ने मुखबिर और पुख्ता सबूतों के आधार पर माना इलाके के दो बड़े जूता कारोबारियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट (Copyright Act) और ट्रेडमार्क उल्लंघन का गंभीर मामला दर्ज कर लिया है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के गोदामों और दुकानों से भारी मात्रा में नकली फुटवियर का जखीरा बरामद किया है।
PUMA कंपनी के प्रतिनिधि ने बिछाया जाल, ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का भंडाफोड़
माना थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स ब्रांड PUMA कंपनी के अधिकृत लीगल रिप्रेजेंटेटिव (प्रतिनिधि) गौरव श्रीवास्तव ने जिला पुलिस प्रशासन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि माना बाजार क्षेत्र में कुछ कपड़ा और जूता व्यापारी कंपनी की साख का गलत इस्तेमाल कर धड़ल्ले से नकली माल बेचकर उपभोक्ताओं को चूना लगा रहे हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन कर गुप्त रूप से दुकानों की रेकी शुरू कर दी थी।
'राज फुटवियर' और 'कलकत्ता बूट हाउस' पर दबिश: 618 जोड़ी नकली जूते बरामद (Raid Summary)
पुलिस की संयुक्त टीम ने जब चिन्हित ठिकानों पर एक साथ छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। दुकानों के भीतर असली PUMA ब्रांड की हुबहू नकल वाले जूतों के डिब्बे भरे पड़े थे:
| टारगेट की गई दुकान का नाम | दुकान संचालक/आरोपी | पुलिसिया कार्रवाई व बरामदगी |
| राज फुटवियर | राहुल नेभानी | दुकान और गोदाम से भारी मात्रा में संदिग्ध फुटवियर जब्त |
| कलकत्ता बूट हाउस | मोहम्मद खुस्तर | अनधिकृत रूप से लोगो इस्तेमाल करने पर माल सीज |
| कुल बरामदगी | दोनों प्रतिष्ठान | 618 जोड़ी नकली ब्रांडेड फुटवियर |
प्रारंभिक तकनीकी जांच और कंपनी के एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में इन सभी 618 जोड़ी उत्पादों को पूरी तरह से अनधिकृत, जाली और संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया।
अब खंगाला जा रहा है सप्लाई नेटवर्क: दिल्ली-मुंबई से तो नहीं जुड़े हैं तार?
माना थाना पुलिस ने भारी मात्रा में जब्त किए गए फर्जी माल को अपने कब्जे में लेकर दोनों नामजद कारोबारियों राहुल नेभानी और मोहम्मद खुस्तर के खिलाफ कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन से संबंधित सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
खोजी जांच का अगला चरण: पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि बात सिर्फ इन दो दुकानों तक सीमित नहीं है। अब पकड़े गए व्यापारियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी तादाद में यह डुप्लीकेट माल कहां से मैन्युफैक्चर (बनाया) हो रहा था और इसे रायपुर में सप्लाई करने के पीछे किस बड़े अंतर-राज्यीय रैकेट या लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का हाथ है।
उपभोक्ताओं को भ्रमित करना गंभीर अपराध
पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी प्रतिष्ठित और रजिस्टर्ड ब्रांड की पहचान, पेटेंट, लोगो या डिजाइन की हूबहू नकल कर आम जनता को धोखे में रखना और कम दाम में नकली माल असली बताकर बेचना कानूनन एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। फिलहाल माना थाना पुलिस जब्त किए गए जूतों के बैच नंबर, बारकोड और उससे जुड़े खरीद-बिक्री के बिल व दस्तावेजों की बारीक जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगामी दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ और बड़े सप्लायर्स की गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।

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