ट्रंप के खिलाफ बाइडेन के साथ आए ओबामा और बिल क्लिंटन
वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति पद की दूसरी बार दावेदारी कर रहे डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं। अब बताया जा रहा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और बिल क्लिंटन ने जो बाइडन का समर्थन किया है। वहीं दूसरी तरफ ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी के ही पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का भी साथ नहीं मिल पाया है।
अब जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी से आने वाले जो बाइडन को राष्ट्रपति पद की दूसरी पारी के लिए पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और बिल क्लिंटन का पूरा-पूरा साथ मिला है। ऐसे में ट्रंप की चिंता बढ़ गई हैं। दरअसल गुरुवार को जो बाइडेन के चुनाव अभियान के लिए न्यूयॉर्क में फंड जुटाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति ओबामा और बिल क्लिंटन ने समर्थन जाहिर किया और चंदा बसूलने में एक नया रेकॉर्ड भी कायम कर दिया। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के जरिए अमरीका के चुनावी इतिहास में पहली बार 2 अरब, 8 करोड़ रुपए से ज्यादा का रेकॉर्ड चंदा एकत्रित किया गया है। यह अलग बात है कि चुनावी सर्वेक्षणों में जो बाइडन को पिछड़ते हुए दिखाया जा रहा है, लेकिन असल में तो उन्हें खासा समर्थन हासिल होते हुए ही दिख रहा है। इसी के साथ बताया जा रहा है कि किस प्रकार से ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा धन जुटाने वाली हिलेरी क्लिंटन को हराया था।
आपको यहां बतलाते चलें कि रेडियो सिटी म्यूजिक हॉल कार्यक्रम में अमरीका के 42वें और 44वें राष्ट्रपति ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश के 45वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश के 47वें राष्ट्रपति नहीं बनना चाहिए। इसी के साथ 46वें राष्ट्रपति की दावेदारी मजबूत करने जी जान से सभी जुट गए हैं। इस कार्यक्रम में डेमोक्रेटिक पार्टी को तीन दशक तक नेतृत्व करने वाली ताकत (लीडरशिप) एक साथ नजर आई है। कार्यक्रम के दौरान अमेरिका के तीन पूर्व राष्ट्रपतियों का एक साथ मंच पर उपस्थित होना और बातचीत करना सभी को आकर्षित कर गई है।

CG High Court: 38 साल पुराने दवा प्रकरण में राज्य सरकार की अपील खारिज, आरोपियों के बरी होने को हाई कोर्ट ने माना सही
Dhamtari Accident: कोबरा बटालियन के 4 जवानों की दर्दनाक मौत
10 साल पुराने मामले में फंसे एक्टर धनुष, मिला 20 करोड़ का लीगल नोटिस, क्या है आरोप?
Mahashivratri 2026: शिवलिंग में विराजमान है पूरा शिव परिवार... जानिए कौन-कौन हैं विराजमान
राजनीतिक तकरार तेज, सड़क विवाद में सपा नेता निशाने पर