पिंक टिकट होगा बंद, दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का नया तरीका - पिंक कार्ड
डीसीसी की बसों में महिलाओं के सफर से जुड़ा रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. अब केवल दिल्ली की महिलाओं को ही डीटीसी बसों में मुफ्त सफर का लाभ मिलेगा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि जल्द ही दिल्ली की महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त सफर के लिए पिंक टिकट की जगह पिंक पास लाएंगे. मगर, ये मुफ्त सफर केवल दिल्ली की महिलाओं के लिए ही होगा.
नंदनगरी डिपो में ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि डीटीसी को 65000 करोड़ रुपए के घाटे से उबारेंगे. उन्होंने बताया कि आईआईटी की मदद से बस रुट्स को तैयार किया जा रहा है. हमने दिल्ली की बहनों के लिए डीटीसी बसों में ‘पिंक टिकट’ की जगह ‘पिंक कार्ड’ लाने की तैयारी की है. हम प्रदूषण कम करेंगे. यमुना को साफ करेंगे. बुनियादी ढांचे का विकास करेंगे और दिल्ली के निवासियों को सभी सुविधाएं देंगे.
दिल्ली का पहला ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, नंद नगरी डीटीसी डिपो में दिल्ली का पहला ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. फोर-लेन सिस्टम पर आधारित यह ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन हर साल 72 हजार वाहनों की डिजिटल जांच करने में सक्षम होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, यह पूरी तरह ऑटोमेटेड होगा. ट्रांस-यमुना क्षेत्र के लाखों वाहन चालकों को इससे सुविधा और राहत मिलेगी. जल्द ही साउथ-ईस्ट दिल्ली के टेकखंड डिपो में भी एक और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन सेंटर की आधारशिला रखी जाएगी. एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बताया कि दिल्ली के विकास को रफ्तार देने वाली ऐतिहासिक पहल SASCI योजना के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार एवं अभिनंदन.
SASCI योजना के तहत दिल्ली को ₹600 करोड़ की मदद
उन्होंने आगे लिखा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा SASCI योजना के तहत दिल्ली को ₹600 करोड़ की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है. यह महज आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि दिल्ली के नागरिकों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और दूरदृष्टि का प्रतीक है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ये पैसा दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट, जल निकासी, सोलर और हरित ऊर्जा, ठोस कचरा प्रबंधन जैसी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में सार्थक और स्थायी परिवर्तन आएगा. ये सहयोग दिल्ली को सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के अनुरूप एक ग्लोबल स्मार्ट सिटी के रूप में आकार देगा.

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