आज से महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की उम्मीद, लेकिन हंगामे की भेंट चढ़ सकता है मानसून सत्र
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज (21 जुलाई) से शुरू हो रहा है. इस बार सत्र काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के सटीक हवाई हमलों को लेकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह संसद का पहला सत्र है. सुबह 11 बजे सत्र के आधिकारिक रूप से शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया को संबोधित करेंगे. सत्र 21 अगस्त तक चलेगा और 32 दिनों में 21 बैठकें होंगी. स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए संसद के दोनों सदन 12 अगस्त से 17 अगस्त तक स्थगित रहेंगे और 18 अगस्त को फिर से शुरू होंगे.
संसद में चर्चा के लिए कई मुद्दे हैं: प्रियंका चतुर्वेदी
मानसून सत्र पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ये पहलगाम हमले के बाद यह पहला सत्र है. विशेष सत्र बुलाने की कई बार मांग की गई, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस मानसून सत्र में हर बात पर चर्चा होगी. खुफिया विफलता, उन आतंकवादियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और ऐसी खबरें क्यों आईं कि जो स्केच बनाए गए थे, वे उनसे मेल नहीं खाते. ये सभी बातें बेहद गंभीर हैं. इसके साथ ही कई अन्य अहम मुद्दे हैं जिन पर चर्चा हो सकती है.
सत्र से पहले लोकसभा स्पीकर बिडला का सांसदों को बड़ा संदेश
लोकसभा स्पीकर ओम बिडला ने महत्वपूर्ण मानसून सत्र आरंभ होने से पहले सांसदों को बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 18वीं लोक सभा का 5वां मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर में राष्ट्रीय हितों के संरक्षण को लेकर सभी की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी संसद सदस्यों से सदन के सुचारु संचालन, रचनात्मक विमर्श और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद में सहयोग देने का आग्रह किया.
सुरजेवाला ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस दिया. इसी के साथ कई अन्य सांसदों ने भी इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है. इन सांसदों में कांग्रेस सांसद बी. मणिकम टैगोर भी शामिल हैं.
रेणुका चौधरी ने पहलगाम हमले और ट्रंप के 'युद्धविराम' के दावों पर राज्यसभा में प्रस्ताव पेश किया
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर चर्चा के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है. प्रस्ताव में कहा गया है कि सुरक्षा में गंभीर चूक के कारण पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में निर्दोष लोगों की जान गई, पाकिस्तान से सीमा पार से आतंकवाद फैला,और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के बाद सरकार की विदेश नीति पर विचार-विमर्श किया जाए. इस नोटिस में चौधरी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए गए दावों का भी उल्लेख किया है.
कांग्रेस सांसद ने कार्य स्थगन का दिया नोटिस, पहलगाम हमले पर चर्चा की मांग
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने नियम 267 के तहत कार्य स्थगन का नोटिस दिया है. इसमें "आंतरिक सुरक्षा में गंभीर चूक, जिसके कारण पहलगाम में हाल ही में आतंकवादी हमला हुआ" पर चर्चा और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के बाद सरकार की विदेश नीति पर विचार-विमर्श शामिल है.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने भी नियम 267 के तहत कार्य स्थगन का नोटिस दिया है. इसमें बिहार में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से उत्पन्न चिंताओं पर चर्चा की जाएगी.
किन-किन मुद्दों पर चर्चा चाहता है विपक्ष, मिला ये जवाब
विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में आठ प्रमुख मुद्दों पर जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहा है. इन प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं: पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में मतदाता सूचियों का चुनाव आयोग द्वारा किया गया विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान युद्धविराम कराने के बार-बार किए गए दावे, विदेश नीति पर चिंताएं, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, किसानों की समस्याएं और बेरोजगारी.
विपक्षी गठबंधन ने प्रधानमंत्री मोदी से विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले और ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की मध्यस्थता के बार-बार किए गए दावों पर, बयान देने की मांग की है. बिहार में चल रहा एसआईआर एक और मुद्दा है जिस पर विपक्ष चर्चा करना चाहता है, क्योंकि राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और समय को लेकर चिंता जताई है और सरकार पर आगामी राज्य चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है.

पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व