आज होगा पशुपालक सम्मेलन, 20 हजार डेयरी उत्पादक लेंगे हिस्सा
ग्वालियर: मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश की 'मिल्क कैपिटल' बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का भव्य शुभारंभ करेंगे। इस विशाल समागम में प्रदेशभर से 20 हजार से अधिक पशुपालक और डेयरी व्यवसायी जुटेंगे, जहां उन्हें आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत पशुपालकों की आय दोगुनी करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री लखन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी सौंपे जाएंगे।
पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि और नवाचार
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के डेयरी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाना और पशुपालकों को सहकारिता के माध्यम से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरान उन्नत पशुपालन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा करेंगे, जिससे दूध की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हो सके। सरकार का मानना है कि जब तक गांव का पशुपालक आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं होगा, तब तक प्रदेश के विकास की गति अधूरी है। इसी दिशा में डेयरी क्षेत्र में आधुनिक मशीनीकरण और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन में वैश्विक मानकों को छू सके।
अनुभवों का साझा मंच और विभागीय प्रदर्शनी
सम्मेलन की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि इसमें केवल भाषण नहीं होंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग मुख्यमंत्री से सीधा संवाद करेंगे। मैत्री कार्यकर्ता, सफल पशुपालक और उन ग्रामों के सरपंच, जिन्होंने 'क्षीरधारा' योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य किया है, अपने व्यक्तिगत अनुभव और सफलता की कहानियां साझा करेंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर एक व्यापक प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है, जहाँ पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं, पशु आहार, नस्ल सुधार और आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
सहकारिता से सशक्तिकरण का नया मॉडल
राज्य स्तरीय सम्मेलन के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार सहकारी संस्थाओं के तंत्र को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है। सम्मेलन में शामिल होने वाले हजारों सहकारी दुग्ध समितियों के प्रतिनिधि इस बात पर मंथन करेंगे कि किस प्रकार बिचौलियों को हटाकर दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का सीधा और बेहतर मूल्य दिलाया जा सके। यह आयोजन प्रदेश के कोने-कोने से आए हितग्राहियों को एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहाँ वे न केवल सरकारी सहायता प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि एक-दूसरे की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को सीखकर अपने स्थानीय क्षेत्रों में डेयरी उद्योग का विस्तार भी कर सकेंगे।

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