अयोध्या में महाशिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
अयोध्या में इस दिन 15 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए क्राउड मैनेजमेंट प्लान को अपडेट किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को दर्शन में अधिक समय लग सकता है, लेकिन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन किसी भी प्रकार की ढील नहीं देगा।
ऐसे होगी व्यवस्था
सीओ ने बताया कि महाशिवरात्रि पर अधिकांश श्रद्धालु नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। सरहदी जिलों से भी श्रद्धालु आएंगे। मंदिर में प्रवेश के लिए 14 बैरिकेडिंग से गुजरना होगा, जहां सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। मंदिर की सीमित क्षमता को देखते हुए श्रद्धालुओं को समूहों में प्रवेश दिया जाएगा। एक जत्था बाहर निकलने के बाद ही अगला जत्था प्रवेश करेगा। मंदिर से निकलने वाली भीड़ को दुर्गागंज, माझा और घाट के रास्ते बाहर निकाला जाएगा ताकि अधिक भीड़ जमा न हो।
बैरिकेडिंग बढ़ाई गईं
भीड़ की निगरानी के लिए सीसी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। सरयू तट, लता मंगेशकर चौक और नागेश्वरनाथ मंदिर के इलाके में अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। सरयू घाटों पर रिवर पुलिस और सिविल पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। गोंडा के लकड़ मंडी से अयोध्या के माझा तक नो वीकल जोन घोषित किया गया है। इस मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी होगी।
क्राउड कंट्रोल के लिए कंट्रोल रूम
महाशिवरात्रि पर अयोध्या आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाहरी जिलों में क्राउड होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। भीड़ अधिक होने पर श्रद्धालुओं को दर्शन नगर, बीकापुर और रौनाही जैसे होल्डिंग क्षेत्रों में रोककर क्रमबद्ध तरीके से भेजा जाएगा। अयोध्या में राम पथ सहित अन्य मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को लगभग 10 किमी पैदल चलना होगा।
राम पथ पर वनवे व्यवस्था
राम पथ पर मौजूदा व्यवस्था महाशिवरात्रि और 28 फरवरी तक लागू रहेगी। इस मार्ग पर केवल पैदल यात्रा की अनुमति होगी, और बीच-बीच में बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। लता मंगेशकर चौक से राम मंदिर तक भीड़ को नियंत्रित तरीके से भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। खासतौर पर सरयू घाट, राम की पैड़ी, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी और नागेश्वरनाथ मंदिर के क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
तय मार्ग से ही निकलेगी शिव बारात
महाशिवरात्रि पर शिव बारात निकालने की अनुमति दी गई है, लेकिन यह केवल तय मार्ग पर ही निकलेगी। नागेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक सभा पति तिवारी के प्रार्थना पत्र पर जारी अनुमति पत्र के मुताबिक शिव बारात नागेश्वरनाथ मंदिर से शुरू होकर राम की पैड़ी, गांधी आश्रम, तुलसी उद्यान, पोस्ट ऑफिस तिराहा होते हुए हनुमानगढ़ी और क्षीरेश्वरनाथ मंदिर तक जाएगी। वापसी में दशरथ महल, कनक भवन, वेद मंदिर, कटरा पुलिस चौकी, अशर्फी भवन, गोला बाजार चौराहा होते हुए तुलसी उद्यान लौटेगी। बारात में केवल 500 श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति होगी, और यह 26 फरवरी को रात 8 से 10 बजे तक निकलेगी।

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