पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, अंतिम संस्कार से पहले पुलिस ने शव कब्जे में लिया
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के टीपी नगर थाना इलाके में एक बेहद ही सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ महज एक सोने की अंगूठी खो जाने के मामूली विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया। गुस्से में अंधे हुए एक पति ने अपनी ही धर्मपत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड के बाद आरोपी पति और उसके रिश्तेदारों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने और मामले को दबाने की पूरी कोशिश की। वारदात को छुपाने के उद्देश्य से मृतका के शव का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली गई थी और शव को श्मशान घाट में चिता पर भी रख दिया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर मृतका के मायके पक्ष (सगे भाई) को इस अचानक हुई मौत पर गहरा संदेह हुआ, जिसकी सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल श्मशान घाट पहुंच गया। पुलिस ने जलने से ठीक पहले चिता से शव को नीचे उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे पति को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
30 साल पुराना रिश्ता पल भर में हुआ लहूलुहान; अलमारी से गायब अंगूठी बनी काल
टीपी नगर थाना पुलिस और पड़ोसियों से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, इस खूनी ड्रामे की शुरुआत तीन दिन पहले हुई थी:
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मजदूरी करता है आरोपी: नई बस्ती इलाके का रहने वाला सुरेश पेशे से दिहाड़ी मजदूर है। उसकी शादी करीब 30 वर्ष पूर्व विमलेश (उम्र लगभग 52 वर्ष) नाम की महिला के साथ पूरे रीति-रिवाज से हुई थी। दोनों के बच्चे भी हैं और तीन दशक से वे साथ रह रहे थे।
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तीन दिन से चल रहा था कलह: परिजनों के मुताबिक, तीन दिन पहले घर की अलमारी से एक कीमती अंगूठी अचानक गायब हो गई थी। सुरेश इसके लिए अपनी पत्नी विमलेश को जिम्मेदार ठहरा रहा था, जबकि विमलेश का कहना था कि उसे अंगूठी के बारे में कुछ नहीं पता। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पिछले 72 घंटों से लगातार तीखी बहस और घरेलू कलह चल रही थी। रविवार की देर रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि सुरेश ने अपना आपा खो दिया और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
ड्रेसिंग टेबल पर दिया धक्का; फिर टूटे हुए शीशे से रेत डाला पत्नी का गला
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर रविवार की रात जो कुछ भी कमरे के भीतर हुआ, वह बेहद बर्बर था:
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हिंसक झड़प और कांच का टूटना: विवाद के दौरान गुस्साए सुरेश ने विमलेश को पूरी ताकत से पीछे की तरफ धक्का दे दिया। धक्का इतना जबरदस्त था कि विमलेश सीधे कमरे में रखी ड्रेसिंग टेबल से जा टकराई। टक्कर के प्रभाव से ड्रेसिंग टेबल पर लगा भारी शीशा चकनाचूर होकर जमीन पर गिर गया।
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टूटे कांच से किया जानलेवा हमला: आरोप है कि सुरेश पर उस वक्त खून सवार था। उसने जमीन पर गिरे हुए नुकीले और बड़े शीशे के टुकड़े को उठाया और तड़प रही विमलेश के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। शीशे से विमलेश की गर्दन की मुख्य नस कट गई और कमरे में चारों तरफ खून फैल गया। लहुलूहान हालत में परिजन उसे आनन-फानन में पास के एक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत देखकर उसे बड़े सेंटर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण रास्ते में ही विमलेश ने दम तोड़ दिया।
कानूनी प्रक्रिया के बिना अंतिम संस्कार की थी जल्दबाजी; भाई की सतर्कता से खुला राज
विमलेश की मौत के बाद आरोपी पति सुरेश और उसके कुछ करीबियों ने पुलिसिया कार्रवाई और पोस्टमार्टम के झंझट से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। उन्होंने समाज और पड़ोसियों के सामने महिला की मौत का कारण बीमारी या दुर्घटना बताने की कोशिश की और बिना किसी कानूनी औपचारिकताओं या पुलिस को सूचना दिए, शव को सीधे श्मशान घाट ले गए। वहां अंतिम संस्कार के लिए चिता भी सजा दी गई थी:
"मुझे मेरी बहन की अचानक हुई मौत की खबर देर से मिली। जब मैंने सुरेश और उसके परिवार का रवैया देखा, जो बिना किसी को बताए इतनी जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर रहे थे, तो मुझे दाल में कुछ काला लगा। मैंने तुरंत पुलिस को फोन घुमा दिया।" — विनोद, मृतका का सगा भाई
विनोद की कॉल पर टीपी नगर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ श्मशान घाट पहुंचे। पुलिस ने मुखाग्नि दिए जाने से ठीक पहले चिता की लकड़ियों के बीच से शव को अपने नियंत्रण में लिया, जिससे वहां मौजूद ससुराल पक्ष के लोगों में हड़कंप मच गया।
आरोपी पति पुलिस कस्टडी में; पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के बाद दर्ज होगी सख्त धाराएं
इस पूरे मामले पर मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी (CO) सौम्या अस्थाना ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि मामला पूरी तरह से गंभीर घरेलू हिंसा और हत्या से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। आरोपी पति सुरेश को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ की जा रही है, जहां वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है।
पुलिस ने मृतका के शव को पंचनामा भरकर मेरठ जिला अस्पताल के मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है, जहां डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट आते ही और मायके पक्ष की तरफ से मिलने वाली लिखित तहरीर (शिकायत) के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या (धारा 103) और साक्ष्य छुपाने की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। इस घटना के बाद से नई बस्ती इलाके के लोग स्तब्ध हैं।

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