इंदौर में अस्पतालों की व्यवस्था होगी मजबूत, 166 मेडिकल कर्मचारियों की नई तैनाती
इंदौर। इंदौर में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 166 मेडिकल कर्मचारियों के अटैचमेंट को तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया है। विभाग ने इन सभी कर्मचारियों को सीधे जिला अस्पताल में रिपोर्ट करने और अपना नया कार्यभार संभालने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस अचानक लिए गए फैसले के बाद से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है।
इन कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
इस नए आदेश के दायरे में कई अलग-अलग पदों पर काम करने वाले कर्मचारी आए हैं। इनमें डॉक्टर्स, नर्सिंग ऑफिसर्स, ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर (बीईई), लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट, डार्क रूम अटेंडेंट, वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी पिछले काफी समय से जिले के दूसरे अस्पतालों, संजीवनी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में अटैच होकर अपनी ड्यूटी कर रहे थे।
नई बिल्डिंग की तैयारियों के लिए फैसला
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में बहुत जल्द स्वास्थ्य सेवाएं चालू की जानी हैं। नई बिल्डिंग को ठीक ढंग से चलाने के लिए वहां पर्याप्त मात्रा में स्टाफ की जरूरत थी, इसी वजह से यह बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। सभी कर्मचारियों को साफ कह दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के जिला अस्पताल में अपनी जॉइनिंग दें।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार
स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को नए जिला अस्पताल भवन को जल्द से जल्द शुरू करने की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का भरोसा है कि इस कदम से नई व्यवस्थाओं को समय पर शुरू करने में बहुत मदद मिलेगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के भीतर इस बदलाव को पिछले कुछ सालों की सबसे बड़ी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था (बदलाव) के रूप में देखा जा रहा है।

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