जगदलपुर। जिले में अमानक और नकली कृषि इनपुट्स की मिल रही लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को ठगी से बचाने के लिए खाद और बीज की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

लापरवाह दुकानदारों पर शिकंजा, 33 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस

जांच टीम की इस कार्रवाई से पूरे जिले के कृषि व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। अब तक गड़बड़ी पाए जाने पर 33 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस थमाया जा चुका है। इसके साथ ही, किसानों तक घटिया सामान न पहुंचे, इसे सुनिश्चित करने के लिए 28 दुकानों की बिक्री पर तुरंत रोक (बैन) लगा दी गई है।

कलेक्टर कोर्ट में मामला दर्ज, एक के खिलाफ FIR

प्रशासनिक टीम ने 6 दुकानों से संदिग्ध खाद-बीज के लॉट को सील कर उनके खिलाफ कलेक्टर न्यायालय में मामला दायर किया है। बेहद गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी सामने आने पर एक विक्रेता के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा नियमों को ताक पर रखने वाली दो दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड और दो अन्य के लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिए गए हैं।

स्टॉक और रेट लिस्ट दिखाना अनिवार्य, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

कृषि विभाग ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी खाद-बीज केंद्रों को अपनी दुकान के बाहर स्टॉक की स्थिति और तय कीमतों की सूची लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को लगातार फील्ड पर रहकर मॉनिटरिंग करने को कहा गया है ताकि आने वाले दिनों में भी ऐसी काली कमाई करने वालों पर नकेल कसी जा सके।