भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध, गाजियाबाद में 19 गतिविधियों पर रोक
नई दिल्ली|उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक महीने के लिए धारा 163 लागू कर दी गई है। इस दौरान रैलियां करने, जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन और किसी भी तरह की भीड़ जुटाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। गाजियाबाद पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अनदेखी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नरेट में 16 फरवरी तक लागू रहेगी निषेक्षाज्ञा
देश की राजधानी दिल्ली से सटे होने के चलते गाजियाबाद में आगामी गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि, गुरु रविदास जयंती, महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती समेत अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों और संभावित धरना और विरोध-प्रदर्शनों के मद्देजर पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। निषेधाज्ञा आगामी 14 जनवरी से प्रभावी होकर 16 फरवरी की मध्यरात्रि तक लागू रहेगी।
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पांच या उससे अधिक लोगों का एकत्र होने पर रोक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है। इस दौरान सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों का एकत्र होना, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, रैली या सभा पर रोक रहेगी। आदेश में किसी भी प्रकार के हथियार, विस्फोटक सामग्री, ईंट-पत्थर, कांच की बोतलें या ज्वलनशील पदार्थ सार्वजनिक स्थानों पर रखने और प्रदर्शित करने पर प्रतिबंध रहेगा।
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पहचान के सत्यापन के बिना कमरा देने पर भी रोक
इसके अलावा किसी भी माध्यम से भड़काऊ, आपत्तिजनक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रसार पर भी सख्त मनाही की गई है। बिना पूर्व अनुमति के ड्रोन से शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, जबकि होटल-धर्मशाला संचालकों को पहचान सत्यापन के बिना कमरा देने से रोका गया है। पेट्रोल-डीजल की बिक्री भी वाहनों के अतिरिक्त अन्य कंटेनरों में नहीं की जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

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